तलाश


इस जगमें हर किसीको कोइ न कोइको किसी न किसी की तलाश रहती है|
जिसकी उसके जीवनमें कमी रहती है|
आशाएं रखना और उसे पूरी करना इनमें सिर्फ फर्क पड़ा जाता है|
आशाएं और उम्मीदों के सहारे ये दुनिया कायम टिकी हुई रहती है|
हर कोइ अपने जीवनमें सुखका सूरज सदा के लिए तपता रहे वैसा चाहता है|
मगर क्या ये संभव है? नाहीना?
सोचो गर दुःख गर नहोता तो सुखका माझा कैसे आता?
ये जिन्दगीकी झिलमिलाहट सुख और दुःख की धूप और छावसे होती है|

सुखदु:ख दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गाँव कभी धुप तो कभी छाँव|
एक शेर अर्ज है ..
जीवनदीप जलता है मेरा गमोंके दमसे ..
डर है वो कहीं बुझ न जाए खुशी की आंधी से..|

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